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वित्त विभाग

१.परमपावन दलाई लामा के केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के अंतर्गत आने वाले कुल सात विभागों में से एक विभाग वित्त विभाग भी है। इस विभाग की स्थापना २९ मई १९६९ को हुई थी। इस विभाग का मुख्य उद्देश्य व लक्ष्य केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के लिए राजस्व इकट्ठा करना है जिससे तिब्बतियों की अलग पहचान बनाए रखने का उद्देश्य पूरा हो सके। राजवस्व इकट्ठा करने के समान ही इस विभाग का एक और महत्वपूर्ण कार्य है केंद्रीय तिब्बती प्रशासन का वार्षिक व संशोधन बजट तैयार करना और उसे निर्वासित संसद में पेश करना।
२. परमपावन दलाई लामा की सलाह के अधार पर बने मध्यम मार्ग, अहिंसा, आत्मानुशासन, सच्ची और पर्यावरण अनुकूल जीवन जैसे बुनियादी सिंद्धातों की छत्राछाया में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन को आर्थिक नीतियों पर परामर्श प्रदान करना। हालांकि विभाग बाजार की वर्तमान प्रवृत्तियों और भविष्य की संभावित प्रवृत्तियों पर भी नजर रखता है क्यों वैश्वीकरण की वर्तमान दुनिया में राजनीतिक या आर्थिक मामलों में अलग-थलग रहना बिल्कुल असंभव जैसा है।
३. १२ वें काशग की आर्थिक नीति के हिसाब से इस विभाग को निम्न कार्यव्रफमों को सपफल बनाने के लिए प्रयास करना है।
क. विभाग द्वारा चलाए जा रहे सभी तरह के व्यवसाय का निजीकरण करना।
ख. निश्चित समय सीमा में सार्वजनिक जमाओं की वापसी करना।
ग. सरकारी कारोबार के हिस्से को बेचने से तैयार अतिरिक्त कोष को जोखिम रहित निवेश में लगाना, विशेषकर सरकारी बांड व प्रतिभूतियों में और इस निवेश से प्राप्त ब्याज आय से प्रशानिक खर्चों का प्रबंध्न करना।
४. ३१ मार्च २००५ तक वित्त विभाग में २७ कर्मचारी थे।

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