रविवार, 5 सितम्बर, 2010

[मंगलवार, 26 जनवरी, 2010 | स्रोत : दिव्य हिमाचल]

नौवीं वार्ता के लिए पहल, आज बीजिंग पहुंचेंगे दोनों प्रतिनिधि

विश्र्व के कई देशों की सलाह एवं दबाब को मद्देनजह रखते हुए तिब्बत-चीन मसले को सुलझाने की एक बार फिर पहल तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा की ओर से की गई है। तिब्बत टास्क फोर्स की दो दिवसीय बैठक में लिए गए फैसले के बाद चीनी राजनीतिज्ञों से बातचीत हेतु दलाई लामा के विशेष प्रतिनिधि लोदी ग्यारी ग्यालत्सेन तथा कैलसंग ग्यालत्सेन चीन दौरे पर रवाना हो गए हैं। दलाई लामा के ये दोनों प्रतिनिधि मंगलवार को बीजिंग पहुंचेंगे। दलाईलामा के निची संचिव छिमि छौग्यप्पा ने खबर की पुष्टि की है। तिब्बत-चीन मुद्दे पर यह आठवें चरण की वार्ता है एवं हर बार की तरह इस बार भी मुद्दे पर बातचीत की पहल तिब्बती सर्वोच्च नेता दलाई लामा की ओर से की गई है। इस नौवें चरण की वार्ता में दलाई लामा के इन दो प्रतिनिधियों के साथ तिब्बतेतन टास्क फोर्स के सोनियर असिस्टेंट तेंजिन अतिसा, वांगचुक छिरिंग तथा तिब्बती सचिवालय की ओर से जिगमें पासांग भी भाग लेंगे।

हाल ही में तिब्बतेतन टास्क फोर्स की बैठक के बाद निर्वासित तिब्बत सरकार द्वारा दलाई लामा के प्रतिनिधियों को चीनी राजनीतिज्ञों से वार्ता करने हेतु नौवें बार भेजने का फैसला लिया गया था। तिब्बत की राजधानी ल्हासा में हुए विरोध प्रदर्शनों तथा चीनी सेना की कथित दमनात्मक कार्रवाई के बाद यह चौथा मौका है, जब दलाई लामा के ये प्रतिनिधि चीनी राजनीतिज्ञों से वार्ता हेतु रवाना हो रहे हैं।

इससे पूर्व आठ मई, चार जुलाई तथा 12 नवंबर, 2008 को इसी प्रतिनिधिमंडल के बीच छठे सातवें तथा आठवें चरण की वार्ताओं का आयोजन किया गया था, जो कि तिब्बत मुद्दे को सुलझाने में बिलकुल नाकाम रही थी। लिहाजा नौवी बार आयोजित की जा रही इस वार्ता की सफलता के लिए निर्वासित तिब्बत सरकार कामना कर रही है, वहीं तिब्बत मुद्दे के हल होने की हरेक उम्मीद छोड़ चुके निर्वासित तिब्बती कुनबे में भी आशा की एक किरण जगी है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक दलाईलामा का यह प्रतिनिधिमंडल फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में वापस मकलोडगंज पहुंचेगा।