[शनिवार, 23 जनवरी, 2010 | स्रोत : प्राक खबर]
गुवाहाटी, 23 जनवरी। भारत-तिब्बत सहयोग मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कुलदीप अग्निहोत्री ने कहा है कि जब तक तिब्बत स्वतंत्र राष्ट्र नहीं बन जाता तब तक भारत-चीन के बीच सीमा विवाद का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। आज यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत-चीन के बीच निर्धारित सीमा मैकमोहन लाइन तिब्बत में है ओर तिब्बत को चीन ने हथिया रखा है।
इसलिए तिब्बत को आज़ादी मिले बगैर चीन के साथ सीमा समस्या नहीं सुलझ सकती। उन्होंने चीन द्वारा भारत की भूमि पर अवैध कब्जा किये जाने के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा इसे गंभीरता से न लिये जाने पर असंतोष व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि चीन के पड़ोसी राष्ट्र बनने के बाद से ही यह विवाद चल रहा है और इसके समाधान को लेकर दोनों देशों की सरकार गंभीर नहीं है। उनका कहना है कि अगर किसी कारण चीन के साथ युद्ध होता है तो सबसे ज्यादा पूर्वोत्तर का हिस्सा प्रभावित होगा। गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा विवाद के प्रति जन जागरूकता लाने के उद्देशय से संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रव्यापी रैली ही आरंभ करने की घोषणा की गयी है। यह रैली धर्मशाला से शुरू होकर तवांग तक जाएगी। |