[रविवार, 7 फरवरी, 2010 | स्रोत : लोकमत समाचार]
तिब्बत समर्थक भारतीय महिला मंच का सम्मेलन नागपुर, 6 मार्च । तिबेटियन्स महिला एसोसिएशन की अध्यक्ष डोलकर लाम्हो क्रिती ने तिब्बत की मुक्ति के लिए सहयोग करने की अपील की. वे तिब्बत समर्थक भारतीय महिला मंच की ओर से आयोजित महिलाओं के पहले राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्धाटन समारोह को संबोधित कर रही थीं। अशोक नगर के गुरूनानक सभागृह में हुए सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता धर्मपाल मेश्राम, भारत तिब्बत मैत्री संघ के सचिव डॉ आनंद कुमार, राज्य अध्यक्ष हरीश अड्यालकर, सचिव अमृत बन्सोड, संयोजक डॉ. मनोजकुमार, डॉ. मिलिंद जीवने, सत्यानंद जांभुलकर उपस्थित थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डोलकर ने कहा कि चीन के दमन से त्रस्त तिब्बती आजादी मिलने तक संघर्ष करेंगे, दलाई लामा ने भी अब तिब्बत की मुक्ति और धर्मप्रसार के लिए विभित्र देशों में दौरे शुरू किए हैं।
इस अवसर पर उन्होंने अशोक एवं रेखा धमगाये द्वारा संपादित मैत्री स्मरणिका का विमोचन भी किया। अमृत बन्सोड़ ने कहा कि तिब्बत की मुक्ति भारत की सुरक्षा की दृष्टि से आवशयक है। तिब्बत समर्थक भारतीय महिला मंच की अध्यक्ष सुनंदा खैरकर ने प्रास्ताविक में तिब्बत आंदोलन की जानकारी दी। संचालन सुरेखा काकड़े ने और आभार प्रदर्शन गीता चौरे ने किया। |