[बुधवार, 14 जुलाई, 2010 | स्रोत : patrika]
बीजिंग। भारतीय विदेश सचिव निरूपमा राव की हाल की मुलाकात पर बेहद सतर्क प्रतिक्रिया देते हुए बीजिंग ने मंगलवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि भारत निर्वासित तिब्बतियों को चीन विरोधी गतिविधियों की इजाजत नहीं देने के अपने संकल्प पर कायम रहेगा।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता किन गैंग ने संवाददाताओं से बातचीत में पिछली 10 जुलाई को धर्मशाला में राव की दलाई लामा से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर कहा ""चीन ने तिब्बत के मुद्दे पर अपने रूख को भारत के सामने स्पष्ट रूप से रखा है।"" उन्होंने कहा ""भारत सरकार ने बीजिंग से कई बार कहा है कि वह तिब्बत को चीन का हिस्सा मानता है और वह अपने यहां रह रहे निर्वासित तिब्बती लोगों को चीन विरोधी राजनीतिक गतिविधियां करने की इजाजत नहीं देगा।
यही वजह है कि हमें पूरी उम्मीद है कि भारत तिब्बत से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने संकल्प पर कायम रहेगा।""उल्लेखनीय है कि अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और दलाई लामा के बीच हाल में वाशिंगटन में हुई मुलाकात की चीन ने कड़ी आलोचना की थी। चीन ने उस मुलाकात को बीजिंग की सम्प्रभुता से जुड़े मामलों में |